देश-विदेश में भगवान हनुमान जी करोड़ों लोगों की श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं, और प्रत्येक वर्ष बड़े धूम-धाम से देश में हनुमान जयंती/जन्मोत्सव मनाया जाती है और इस साल भी आगामी 6 अप्रैल को हनुमान जयंती/जन्मोत्सव मनाया जाएगा लेकिन बहुत से लोगों में इसे ले कर विरोधाभास नजर आता है कि इसे हनुमान जयंती कहना उचित होगा या हनुमान जन्मोत्सव ?
आइए, जानते हैं की जयंती और जन्मोत्सव में क्या अंतर है –
कोई ऐसा व्यक्ति जो इस दुनिया में अब जीवित नहीं है उसके जन्मदिन को जयंती कहा जाता है जब कि किसी जीवित व्यक्ति के जन्मदिन को जन्मोत्सव कहा जाता है, और पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम से अमृत्व का वरदान पाने के बाद भगवान हनुमान चिरंजीवी हैं और कलयुग में भी धर्म रक्षा एवं भक्तों का कल्याण करने हेतु इसी लोक में निवास करते हैं।
इसके अनुसार जानकारों का मानना है कि भगवान हनुमान जी की जन्मदिन की तिथि को जयंती के स्थान पर जन्मोत्सव कहना अधिक उचित होगा।
