बनबसा में हुई पहली बार धामी कैबिनेट की बैठक, दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर।

बनबसा में हुई पहली बार धामी कैबिनेट की बैठक, दर्जनों महत्वपूर्ण निर्णयों पर लगी मुहर। देहरादून/चम्पावत। उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है। इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में मुख्यमंत्री श्री…

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जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव, खटीमा में बिखरे सांस्कृतिक विविधता के रंग

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव, खटीमा में बिखरे सांस्कृतिक विविधता के रंग खटीमा में आयोजित तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर रंगोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए जनजातीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य,…

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भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल।

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बनबसा में धामी कैबिनेट की बैठक, शासन को सीमांत क्षेत्रों तक ले जाने की नई पहल। देहरादून/चम्पावत। उत्तराखण्ड में शासन को प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक नई पहल की है। इसी क्रम में आज भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चम्पावत जनपद के बनबसा…

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Delhi : बुराड़ी में हेड कांस्टेबल और उनकी पत्नी को गोली मारी

देश की राजधानी में अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं, बुराड़ी इलाके में देर शाम टहलने के लिए निकले स्पेशल फ़ोर्स के हेड कांस्टेबल और उनकी पत्नी पर बदमाशों…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा से दिया शीतकालीन यात्रा का जोरदार संदेश, प्रधानमंत्री ने की ‘घाम तापो’ के तौर पर की उत्तराखंड विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा से दिया शीतकालीन यात्रा का जोरदार संदेश, प्रधानमंत्री ने की ‘घाम तापो’ के तौर पर की उत्तराखंड विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग।   एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन और पयर्टन की जोरदार ब्रांडिंग की है। प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों से लेकर कॉरपोरेट और फिल्म उद्योग तक को विंटर सीजन में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग ‘घाम तापो टूरिज्म’ के तौर पर की है। गुरुवार को हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बीते दिनों माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों के प्रति दुख: व्यक्त किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा से औत प्रोत है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से अपना आत्मीय लगाव, व्यक्त करते हुए कहा कि वो जीवनदायनी मां गंगा के शीतकालीन गद़्दी स्थल पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर धन्य महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री बोले कि मां गंगा की कृपा से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला। मां गंगा के आशीर्वाद से ही वो काशी पहुंच सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने ही उन्हें काशी बुलाया है। प्रधानमंत्री ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है, अब अपने बच्चे के प्रति मां गंगा का दुलार ही है कि वो आज खुद मुखवा गांव पहुंच पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो हर्षिल की धरती पर आकर, अपनी दीदी भुलियों को भी याद कर रहे हैं, क्योंकि वो उन्हें हर्षिल की राजमा और अन्य लोकल प्रॉडक्ट भी भेजती रहती हैं। *बन रहा उत्तराखंड का दशक* प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले जब वो बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे तो बाबा के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही भाव प्रकट हुआ कि ये दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है। ये भाव भले ही उनके थे, लेकिन इसके पीछे सामर्थ देने की शक्ति बाबा केदार की थी। अब बाबा के आशीर्वाद से ये शब्द धीरे- धीरे सच्चाई में बदल रहे हैं। ये दशक अब उत्तराखंड का बन रहा है। उत्तराखंड की प्रगति के लिए, नए - नए रास्ते खुल रहे हैं, जिन आकांक्षाओं को लेकर उत्तराखंड का जन्म हुआ था, उत्तराखंड नित नए लक्ष्य और संकल्प लेते हुए, उन्हें पूरा कर रहा है। *शीतकालीन यात्रा पर सीएम की पहल को सराहा* प्रधानमंत्री ने शीतकालीन तीर्थाटन - पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड की आर्थिक सामर्थ को साकार करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस अभिनव पहल के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए अपने टूरिज्म सेक्टर को बहूआयामी या बारामासी बनाना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 356 दिन का पर्यटन जरूरी है। वो चाहते हैं कि उत्तराखंड में कोई भी पर्यटन सीजन ऑफ नहीं रहे, बल्कि हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों पर मार्च से जून के बीच ही ज्यादातर पर्यटन आते हैं, जबकि इसके बाद पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो जाती है। अभी सर्दियों के सीजन में होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे खाली पड़े रहते हैं। ये असंतुलन साल के बड़े हिस्से में उत्तराखंड की आर्थिकी को सुस्त कर देता हैं। जबकि सच्चाई यह कि अगर देश- विदेश के लोग, सर्दियों में यहां आए तो उन्हें सच्चे अर्थ में देवभूमि की आभा के दर्शन होंगे। विंटर टूरिज्म में यहां लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगा। *सर्दियों का सीजन धार्मिक यात्रा के लिए भी अहम* प्रधानमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खास होता है। यहां इस समय कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां मुखवा गांव में ही जो अनुष्ठान किया जाता है, वो हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, इसलिए उत्तराखंड सरकार का बारामासी पर्यटन का विजन, लोगों को दिव्य अनुभूति से जोड़ेगा। इससे यहां साल भर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। *डबल इंजन की सरकार मिलकर काम कर रही* प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। राज्य में चारधाम, ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेस वे से लेकर रेलवे और हेली सेवाओं का विस्तार हो रहा है। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंडसाहिब के लिए रोपवे को मंजूरी प्रदान की है। केदारनाथ रोपवे के जरिए आठ से नौ घंटे की पैदल यात्रा 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं ओर बच्चों की यात्रा सुगम हो सकेगी। *सीमांत गांवों के विकास पर जोर* प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, 2014 से पहले चार धाम यात्रा पर प्रतिवर्ष 18 लाख यात्री ही आते थे, अब हर साल 50 लाख से अधिक यात्री चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती गांवों को आखरी गांव कहा जाता, लेकिन अब उन्हें पहला गांव कहा जा रहा है। इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है, इसके जरिए नेलांग और जादुंग गांव फिर से बसाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के टिम्मबरसैंण, महादेवसैंण, माणा और जादुंग गांव में पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जादुंग को 1962 में चीन युद्ध के समय खाली करा दिया गया था, अब 70 साल बाद सरकार इस गांव को फिर से बसा रही है। *गढ़वाली में ‘घाम तापो पयर्टन’* प्रधानमंत्री ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वाहन करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में आप धूप का आनंद ले सकते हैं। गढ़वाली में इसे ‘घाम तापो पयर्टन’ कहते…

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बिग ब्रेकिंग: पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने जीता कांस्य पदक, भारत की झोली में आया चौथा पदक।

बिग ब्रेकिंग: पेरिस ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने जीता कांस्य पदक, भारत की झोली में आया चौथा पदक।   भारत को मिला एक और पदक! हॉकी में भारत ने…

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सोशल मीडिया पर छाया राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर की बीएड विभाग की छात्राओं का लोकनृत्य

सोशल मीडिया पर छाया राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर की बीएड विभाग की छात्राओं का लोकनृत्य राजकीय महाविद्यालय की बीएड विभाग की छात्राओं ने दी प्रस्तुति 'पांडवाज' के गीत पर किया लोकनृत्य, संस्कृति कर्मियों ने सराहा गोपेश्वर। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर की बीएड छात्राओं का 'पांडवाज' के गीत राधा पर किया गया लोक नृत्य सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे शेयर किया है। नृत्य बीएड विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हिमांशु बहुगुणा के निर्देशन और कोरियोग्राफी में तैयार किया गया है। उत्तराखंड के लोकनृत्य की कोरियोग्राफी और नृत्य में भाग लेने वाली छात्राओं की वेशभूषा और लुक को बेहतर रूप दिया गया है। मंगलवार को लोकसंस्कृति से जुडे कलाकारों ने गोपेश्वर बीएड विभाग के प्रो. हिमांशु बहुगुणा और बीएड विभाग की प्रो. ममता को उनके रचनात्मक और सफल प्रयास को सराहते हुए बधाई दी। डॉ. हिमांशु बहुगुणा ने बताया कि इस लोकनृत्य में बीएड प्रथम वर्ष के 33 प्रशिक्षणार्थियों ने एक साथ मिलकर सांस्कृतिक छठा बिखेरी है। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना है। लोक संगीत और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए इस तरह की गतिविधियां समय-समय पर जरूरी है। बीएड प्रशिक्षणार्थी भावी शिक्षक हैं। विद्यालय की कक्षाओं में बैठे बच्चों को अपनी लोक संकृति धरोहर को बचाने और उसका प्रचार प्रसार करने के लिए शिक्षक तभी जागरूक कर पाएंगे जब पहले स्वयं इसमें कुशल होंगे। इसी उद्देश्य के लिए यह गीत तैयार किया गया।

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