श्रीनगर (गढ़वाल): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र में ‘शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व’ विषय पर आयोजित किया गया संवाद कार्यक्रम।
श्रीनगर (गढ़वाल): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र में पत्रकारिता विभाग की ओर से एक संवाद श्रृंखला के अंतर्गत ‘शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व’ विषय पर एक संवाद तथा मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित तथा राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शैक्षणिक समिति जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अकादमिक समिति के सदस्य डॉ. प्रमोद कुमार शुक्ला पहुँचे। डॉ. शुक्ला के नाम विभिन्न राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित लगभग 16 शोध लेख हैं और उन्होंने एक ई-बुक सहित 3 पुस्तकें लिखी हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिका शोध-संप्रेषण के संपादकीय बोर्ड में हैं। उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार केंद्र के छात्र-छात्रोंओं के साथ संवाद किया। उन्होंने छात्रों से कहा कि,आपकी सफलता की संभावना तब बढ़ती है जब आप इसे मौके से नहीं, बल्कि अपनी पसंद से अपनाते हैं। इस दौरान डॉ. शुक्ला ने अपनी शिक्षण तकनीकें, छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, स्थानीय भाषाओं का महत्व, पीढ़ीगत अंतराल और अपने व्यक्तिगत जीवन के अनुभव साझा किए। साथ ही छात्रों को अपने कैरियर में बेहतर कार्य करने के लिये प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर श्री एकलव्य विद्यालय के एम.पी. लेहरी ने भी छात्रों को संबोधित किया और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ‘भूले बिसरे गीत’ के बारे में बताते हुए लोक संगीत और संस्कृति के महत्व पर भी प्रकाश डाला और स्वयं लोक गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने कहां की हमें अपनी मूल जड़ों से जुड़कर रहना चाहिए।और अपनी सांस्कृतिक विरासत को नहीं भूलना चाहिए।
इस कार्यक्रम की शुरुआत अपने उद्बोधन के साथ पत्रकारिता विभाग में कार्यरत एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमिता ने की। उन्होंने कहाँ कि डॉ. शुक्ला द्वारा हमारे विभाग के छात्रों के साथ संवाद स्थापित करना निश्चित रूप से छात्रों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा तथा उनका मनोबल बढ़ाएगा।
इस अवसर पर डॉ. साकेत भारद्वाज,श्री स्वप्निल, डॉ. हर्षवर्धणी शर्मा,राजेन्द्र सिंह, डॉ. देवेंद्र फर्स्वाण,अरूणा रौथाण तथा पत्रकारिता विभाग के छात्र-छात्राएं आदि मौजूद रहे।
